योग, योग-डांस, ध्यान, भजन और पंचतत्व रीकी हीलिंग ने रचा इतिहास

नए वर्ष की नई शुरुआत: अनंत ऊर्जा सफ़र ने भोपाल की झील पर शिकाराओं में हुआ भारत का पहला भव्य आध्यात्मिक हीलिंग अनुभव
भोपाल
4 जनवरी 2026 का दिन मध्य प्रदेश और भारत के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब भोपाल की शांत झील के मध्य शिकाराओं पर भारत का पहला ऐसा भव्य आध्यात्मिक वेलनेस कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें 100 से अधिक साधकों ने एक साथ योग, योग-डांस, ध्यान, भजन और पंचतत्व आधारित रीकी हीलिंग का गहन अनुभव किया।
Madhya Pradesh Tourism और Anannt Oorja Safar के संयुक्त सहयोग से तथा Dilip BuildCon के समर्थन से आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल प्रतिभागियों को भीतर तक स्पर्श किया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि मध्य प्रदेश अब वैश्विक आध्यात्मिक वेलनेस मानचित्र पर एक सशक्त पहचान बना चुका है।
झील के मध्य शिकाराओं पर ऊर्जा, चेतना और रूपांतरण का सजीव अनुभव
इस अद्वितीय आयोजन में प्रतिभागियों ने जल तत्व के मध्य, खुले आकाश के नीचे, प्रकृति के पाँचों तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—की उपस्थिति में स्वयं को पूर्णतः समर्पित किया।
शिकारा पर बैठकर किया गया ध्यान, भजन की ध्वनि-तरंगें और सामूहिक मौन ने पूरे वातावरण को एक उच्च चेतना क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया।
Aarvika Gupta के योग-डांस और ध्यान ने छुआ आत्मा का स्तर
कार्यक्रम में Aarvika Gupta द्वारा कराया गया योग, योग-डांस और ध्यान प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली रहा। उनकी सहज, करुणामयी और ऊर्जावान मार्गदर्शन शैली ने लोगों को केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें अपने भीतर उतरने, भावनाओं को मुक्त करने और आत्मिक संतुलन अनुभव करने का अवसर दिया।
कई प्रतिभागियों ने इसे “एक डीप हीलिंग जर्नी” और “जीवन बदल देने वाला अनुभव” बताया।
Ayush Gupta द्वारा पंचतत्व रीकी हीलिंग: शुद्ध ऊर्जा का प्रवाह
इस आध्यात्मिक यात्रा को पूर्णता प्रदान की Ayush Gupta द्वारा कराई गई पंचतत्व (5 Elements) रीकी हीलिंग ने।
जल के मध्य बैठकर जब सामूहिक रूप से रीकी ऊर्जा प्रवाहित हुई, तो प्रतिभागियों ने गहरे स्तर पर मानसिक शांति, भावनात्मक हल्कापन और ऊर्जा संतुलन का अनुभव किया।
यह केवल एक सत्र नहीं, बल्कि एक सामूहिक ऊर्जा उपचार था, जिसने पूरे समूह को भीतर से हील किया।
मध्य प्रदेश का पहला ऐसा आयोजन जिसने रचा नया मानक
यह मध्य प्रदेश का पहला आध्यात्मिक कार्यक्रम है, जिसमें झील के बीच शिकाराओं पर 100 से अधिक लोगों ने एक साथ हीलिंग और ध्यान किया।
इस ऐतिहासिक पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि आध्यात्मिक पर्यटन केवल आश्रमों या बंद स्थानों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ मिलकर एक जीवंत अनुभव बन सकता है।
प्रतिभागियों की एक आवाज़: “यह अनुभव हर महीने होना चाहिए”
कार्यक्रम के पश्चात प्रतिभागियों में भारी उत्साह देखने को मिला। अधिकांश लोगों की यही भावना रही कि—
“ऐसे कार्यक्रमों में और अधिक लोगों को शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए”
“यह अनुभव हर महीने झील पर होना चाहिए”
“यह केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है”
भविष्य की ओर एक सशक्त संकेत
इस सफल आयोजन के साथ ही भोपाल की झील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं रही, बल्कि वह एक जीवंत आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आई है।
यह कार्यक्रम आने वाले समय में नियमित रूप से आयोजित हो—ऐसी सामूहिक इच्छा और संभावना दोनों स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
4 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ यह आयोजन केवल एक After Event नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है—
मध्य प्रदेश से भारत के लिए, और भारत से पूरे विश्व के लिए शांति, हीलिंग और चेतना का संदेश। आने वाले दिनों में दुनिया भर से लोग अब म०प्र० आयेंगे अध्यात्म और योग विज्ञान के लिए़्
इस कार्यक्रम में निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे ःChief guests
Rahul kothari ji
Mahamatri bjp
Dilip suryawanshi ji
Dilip buildcon
Malti rai
Bhopal mahapor
Reva kourse
Actress
Vibha bhagat
Actress
100+ Influencers from Bhopal



