जीवन का आधार ज्ञान क्यों है ?

डॉ वंदना अग्रवाल
जीवन का आधार क्या है? ज्ञान! ज्ञान आपकी शिक्षा, प्रेम और सफलता का आधार है। सच्चे ज्ञान के बिना, जीवन अर्थहीन और दिशाहीन है। पढ़ना और लिखना जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। हम सभी के जीवन में, जैसे ही हम किसी न किसी रूप में पैदा होते हैं, अध्ययन शुरू होता है और मृत्यु तक जारी रहता है। ज्ञान के माध्यम से एक व्यक्ति दुनिया को बेहतर तरीक़े से देख, समझ और बदल सकता है। जितना अधिक आप पढ़ेंगे और समझेंगे, आपका रवैया उतना ही बेहतर होगा।
सीखने की उम्र नहीं होती
कई बार आपने सुना होगा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, बुरा समय हमें बहुत सीख देता हैं और अच्छा समय हमारी परीक्षा लेता हैं। हो सकता है कि एक-स्थिति को लेकर, आपका दृष्टिकोण आपके सामने वाले व्यक्ति से अलग और सही है, आपके सामने वाला व्यक्ति अलग है और यह भी सही है, इस दृष्टिकोण में अंतर कैसे और कहां से आता है? यह आपके ज्ञान, अध्ययन और जीवन के अनुभव से आता है।
उतार-चढ़ाव से मनुष्य सीखता है
ऐसा कहा जाता है कि पहली शिक्षक हमारी मां है, फिर परिवार के अन्य लोग, रिश्तेदार, स्कूल-कॉलेज के शिक्षक हैं। ये लोग हमें जीवन और समाज का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। जीवन का उतार-चढ़ाव मनुष्य को बहुत कुछ सिखाता है। अध्ययन और ज्ञान आपकी सोचने की क्षमता बढ़ाता है। आपके पास जितना अधिक ज्ञान होगा, आप स्थिति को बेहतर और बुद्धिमानी से संभालने में सक्षम होंगे। आपके निर्णय लेने के कौशल में सुधार होगा।
शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है
शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है। आपका आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है। यह आपको ग़लत के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ उठाने का साहस देता है। इसलिए कभी भी किसी से अध्ययन करने का अधिकार न लें, क्योंकि अकेले सफल होना भी एक तरह से स्वार्थी होना है। ज्ञान कभी बर्बाद नहीं होता है, यह कभी न कभी आपके लिए उपयोगी होता ही है। एक शिक्षित व्यक्ति ही 10 और लोगों को शिक्षित कर सकता है। एक अच्छा नेता बन सकता है और बनाया जा सकता है। (लेखिका रांची बेस्ड डेंटिस्ट हैं)