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मध्य प्रदेशराज्य समाचार

नएसएस के राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर में स्वयंसेवकों ने चलाया स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान

भोपाल

उच्च शिक्षा विभाग तथा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में पंडित दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट परिसर में आयोजित 7 दिवसीय राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर के चतुर्थ दिवस की शुरुआत प्रातःकालीन गतिविधियों से हुई। स्वयंसेवकों ने प्रभात फेरी निकालकर समाज में जागरूकता का संदेश दिया तथा गुरुओं के मार्गदर्शन में योगाभ्यास किया। इसके बाद सरयू धारा सरोवर परिसर, चित्रकूट में श्रमदान एवं वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसमें राज्य राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी  मनोज अग्निहोत्री, शिविर प्रशिक्षक  राहुल सिंह परिहार, शिविर संगठक  अभिमन्यु प्रसाद सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कार्यक्रम अधिकारियों ने भी स्वयंसेवकों के साथ मिलकर श्रमदान किया।

बौद्धिक सत्र के प्रारंभ में राज्य एनएसएस अधिकारी  मनोज अग्निहोत्री ने अतिथियों का शॉल एवं तिलक लगाकर स्वागत किया। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने युवाओं द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग एवं उसकी सकारात्मक एवं नकारात्मक परिणाम, सायबर ठगी, सायबर फिशिंग और सोशल मीडिया पर चर्चा कि एवं भ्रामक विज्ञापन से सतर्क रहने की बात कही और साथ ही स्वयंसेवकों से उनके सोशल मीडिया के अनुभव सुने और उन्हें मार्गदर्शित किया।

अपर कलेक्टर, सतना  शैलेन्द्र कुमार सिंह () ने राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्य स्तरीय शिविरों में सहभागिता युवाओं के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने सभी कार्यक्रम समन्वयकों एवं अधिकारियों को मिलमैहर माता मंदिर की चुनरी एवं तस्वीर भेंट की तथा लगभग 600 स्वयंसेवकों को डॉक्यूमेंट फाइल और कैप वितरित किए।

आगाज निदेशक  प्रशांत दुबे ने बौद्धिक सत्र की मुख्य थीम बाल संरक्षण पर विस्तृत विचार रखे। उन्होंने बाल अपराध की कानूनी परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि बच्चों को सभी प्रकार के अधिकार प्राप्त हैं और समाज की जिम्मेदारी है कि उन्हें सही मार्गदर्शन और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए।

बाल सुरक्षा अधिकारी, यूनिसेफ  गोविंद बेनीवाल ने बाल विवाह, बाल श्रम एवं बाल यौन हिंसा जैसे गंभीर विषयों पर संवादात्मक चर्चा की। उन्होंने बाल श्रम की रोकथाम के लिए पेंसिल पोर्टल तथा आपात स्थिति में सहायता के लिये 1098 हेल्पलाइन की जानकारी दी। साथ ही उपस्थित स्वयंसेवकों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प भी दिलाया।

वित्त नियंत्रक, एपीएस विश्वविद्यालय आर.डी. चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर युवा स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि की भूमिका स्वयंसेवक  मीत सिंह चंदेल (देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर) ने निभाई तथा स्वयंसेविका सु संजना (देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर) ने सत्र की अध्यक्षता की। सत्र का संचालन स्वयंसेविका सु श्वेता गौतम एवं स्वयंसेवक  ओम ने किया तथा अंत में डॉ. अशोक बिश्नोई द्वारा आभार व्यक्त किया गया। सायंकालीन सत्र में प्रतिभागी विश्वविद्यालयों के स्वयं सेवकों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रस्तुत किया।

 

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