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उत्तर प्रदेशराज्य समाचार

जंबूरी में गूंजेगा ‘एकता में विविधता’ का संदेश: 61 साल बाद लखनऊ में लगेगा स्काउट्स-गाइड्स का ‘महाकुंभ’

डायमंड जुबली जंबूरी: जब एशिया-पैसिफिक के प्रतिनिधि चखेंगे बनारसी खाने का स्वाद और देखेंगे भारतीय हस्तकला

परंपरा और तकनीक का संगम: 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी युवाओं में राष्ट्रीय सेवा और वैश्विक भाईचारे की भावना करेगी मजबूत

सांस्कृतिक गौरव का उत्सव: लखनऊ में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का महाकुंभ, 75वीं वर्षगांठ का भव्य समारोह

लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 61 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत स्काउट्स और गाइड्स के महाकुम्भ की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। योगी सरकार 23 से 29 नवंबर तक 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, जो भारतीय संस्कृति और एकता में विविधता का एक भव्य उत्सव होगा। "सशक्त युवा विकसित भारत" थीम पर आधारित इस "डायमंड जुबली" कार्यक्रम में देश भर से लगभग 30,000 स्काउट-गाइड और यूनिट लीडर्स के साथ 1500 विदेशी प्रतिभागियों समेत कुल 33,000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। यह आयोजन न केवल स्काउटिंग परंपरा का उत्सव है, बल्कि युवाओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व कौशल को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है।

काशी के घाटों पर आस्था और संस्कृति का संगम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, आयोजन स्थल को 'लघु भारत' का भव्य स्वरुप दिया जा रहा है, जहाँ देश के हर कोने की पहचान एक साथ जीवंत होगी। इस सांस्कृतिक समागम का मुख्य आकर्षण काशी के घाटों का प्रतिरूप होगा। विश्व भर से आए प्रतिभागियों के समक्ष सातों दिन काशी के घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की शानदार प्रस्तुति की जाएगी। यह प्रस्तुति विश्व पटल पर भारत के आध्यात्मिक गौरव और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाएगी।

देशभर के स्वाद और कला का अनुभव
यह जम्बूरी 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को साकार करती हुई, प्रतिनिधियों को देश की विविधता का प्रत्यक्ष अनुभव कराएगी। वाराणसी के कंटीजेंट लीडर आशु कुमार वर्मा के अनुसार, फूड प्लाजा में न केवल बनारसी पान का स्टाल लगेगा, बल्कि बनारसी चाट, पूड़ी-कचौड़ी और जलेबी का स्वाद भी विश्वभर से आए मेहमान चख सकेंगे। इसके साथ ही, हस्तकला में वेस्ट मटेरियल से हस्तशिल्प और मिट्टी को आकार देकर कलाकृतियाँ बनाई जाएंगी, जो भारत की कलात्मक विरासत को प्रदर्शित करेंगी।

नवाचार और भविष्य का नेतृत्व
युवाओं में नवाचार और नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए, आयोजन स्थल पर एक विशेष आईटी एवं एआई हब स्थापित किया जा रहा है। यहाँ डिजिटल लर्निंग, इनोवेशन और लीडरशिप से जुड़े वर्कशॉप आयोजित होंगे। स्काउट्स को शिक्षा, रोबोटिक्स और साइंस एक्सपो के माध्यम से आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे विकसित भारत के लिए सक्षम नेतृत्वकर्ता बन सकें।

यह जम्बूरी युवाओं को "सेवा ही सर्वोच्च धर्म" के आदर्श से प्रेरित करेगी। 61 वर्षों के बाद उत्तर प्रदेश में हो रहा यह भव्य आयोजन, युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक बनकर, देश और विदेश में एक अमिट छाप छोड़ेगा।

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