प्रदेश में अब नशे में वाहन चलाने वालों पर पुलिस सख्ती करने जा रही है, हरियाणा DGP ने जारी किए ये आदेश

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हरियाणा पुलिस एक्टिव हो गई। प्रदेश में अब नशे में वाहन चलाने वालों पर पुलिस सख्ती करने जा रही है। सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से सभी प्रमुख टोल प्लाज़ाओं पर पुलिसकर्मियों को अल्को-सेन्सर और ई-चालान मशीनों के साथ तैनात किया गया है, ताकि मौके पर ही जांच की जाए तथा मौके पर ही नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए।
बताया जा रहा है कि यह अभियान हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह द्वारा जारी निर्देशों के तहत शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ ही सालों में नशे में गाड़ी चलाने के कारण सड़क हादसों में बढ़ोतरी देखी गई। ऐसे में इस विशेष कार्रवाई से हादसों को कम करने में मदद मिलेगी।
हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह थार व बुलेट को लेकर कुछ दिन पहले बयान दिया था। अब गुरुग्राम के एक थार मालिक ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा है। थार मालिक ने नोटिस में लिखा कि DGP के बयान के बाद समाज में मेरा मजाक बनाया जाने लगा। इससे परेशान होकर मैंने थार चलानी छोड़ दी। इसलिए वह अपने बयान को लेकर माफी मांगें। अगर 15 दिन में उन्होंने ऐसा नहीं किया तो वह कानूनी कार्रवाई कराएंगे।
बता दें कि हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने गुरुग्राम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बयान दिया था कि पुलिस सारी गाड़ियों को नहीं पकड़ेगी, केवल थार और बुलेट वालों को पकड़ेंगे। थार और बुलेट से सारे बदमाश चलते हैं। उन्होंने कहा था कि जिसके पास भी थार होगी, उसका दिमाग घुमा हुआ होगा। थार गाड़ी नहीं है एक स्टेटमेंट है, कि हम ऐसे हैं। ठीक है भुगतो जी। दोनों मजे थोड़ा ना होंगे, दादागिरी भी हो और फंसे भी ना, दोनों कैसे होगा"।
गुरुग्राम के सेक्टर-102 निवासी सर्वो मित्र ने अपने एडवोकेट वेदांत वर्मा के जरिए DGP को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में उन्होंने लिखा है कि मैंने जनवरी 2023 में थार कार खरीदी थी। DGP के बयान के बाद मुझे हर जगह ताने सुनने पड़ रहे हैं। सर्वो मित्र ने यह भी कहा कि मेरा एक बेटा कॉलेज और दूसरा नौकरी करता है। उनको भी लोग चिढ़ाते हैं। सर्वो मित्र ने मांग की है कि DGP 15 दिनों के भीतर लिखित में बिना शर्त माफी मांगें और अपना बयान वापस लें।



