विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने के साथ विश्वस्तरीय कोच भी करने होंगे तैयार : मंत्री सारंग

भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग-कयाकिंग शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम का आयोजन
भोपाल
राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश कैनोइंग-कयाकिंग संघ द्वारा शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग-कयाकिंग शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों एवं देशभर से आए कोचों का सम्मान किया और उनसे संवाद भी किया।
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलों के विकास के लिये किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप भारतीय खेल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आधुनिक खेल अवसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं तथा खिलाड़ियों और कोचों के लिए व्यापक सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण सत्र नहीं बल्कि भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने और भविष्य के चैंपियंस तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री श्री सारंग ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यदि भारत को विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने हैं, तो समान रूप से विश्वस्तरीय कोच तैयार करना अनिवार्य है। यह शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम इस दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
विश्वस्तरीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की सहभागिता रही, जिनमें अलेक्सांद्र निकोनोरोव, कतेरीना सालांडोवा, चाबा सान्टो, महमूदी ज़कारिया, ज्याँ मिशेल प्रोनों एवं एन्खजार्गल जिगिडसुरेन शामिल रहे। इन विशेषज्ञों ने अपनी तकनीकी दक्षता, अनुभव और आधुनिक कोचिंग पद्धतियों के माध्यम से भारतीय कोचों को उन्नत प्रशिक्षण तकनीकों एवं नवीन दृष्टिकोण से अवगत कराया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर विशेष जोर दिया कि खेलों में सफलता केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण, मानसिक सुदृढ़ता, तकनीकी समझ, संतुलित पोषण, प्रभावी रिकवरी तथा मजबूत सपोर्ट सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच, सपोर्ट स्टाफ और संपूर्ण खेल तंत्र का सामूहिक योगदान होता है।



