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बिज़नेस

कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, पहली बार चांदी ₹4 लाख के पार, सोना ₹2 लाख की दहलीज पर

इंदौर 

 MCX पर गुरुवार, 29 जनवरी को सुबह के सेशन में सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। MCX गोल्ड फरवरी वायदा करीब ₹10,000 या 6% बढ़कर ₹1,75,869 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 6 पर्सेंट उछलकर ₹4,06,863 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई। MCX गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स में करीब ₹10,000 और MCX सिल्वर मार्च फ्यूचर्स में ₹21,500 की तेजी आई।

दूसरी ओर सिंगापुर में सुबह 8:02 बजे तक, सोना 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,461.98 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जिससे पहले यह 5,588.71 डॉलर के अपने रिकॉर्ड स्तर को छू चुका था। चांदी 0.9 प्रतिशत बढ़कर 117.119 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम दोनों में गिरावट रही। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स 0.2 प्रतिशत नीचे था।
फेड के फैसले का सोने पर असर नहीं

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का सोने की कीमतों पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है, क्योंकि केंद्रीय बैंक की इस चाल को बाजार के सहभागियों ने पहले ही भांप लिया था।

चांदी इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है?

    इंडस्ट्रियल डिमांड बहुत तेज: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), AI डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G में चांदी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है. ये सेक्टर चांदी की 50% से ज्यादा डिमांड ले रहे हैं.

    ग्लोबल तनाव और सेफ-हेवन: दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर और महंगाई से लोग चांदी को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं.

    सप्लाई कम, डिमांड ज्यादा: चांदी का उत्पादन सीमित है, माइनिंग कॉस्ट बढ़ रही है. COMEX पर चांदी $113 के आसपास है और $115+ की तरफ जा रही है.

    2026 में अब तक 40-50% उछाल: पिछले साल भी चांदी तेजी से बढ़ी थी, और इस साल ये रफ्तार जारी है.

खरीदने वालों और व्यापारियों के लिए क्या मतलब?

    अगर आप चांदी के सिक्के, बार या जेवर खरीदने की सोच रहे हैं, तो अभी बहुत महंगा है.

    शादी-त्योहार या निवेश के लिए चांदी लेने वालों का – बजट बढ़ गया है.

    चांदी व्यापारी और ज्वेलर्स – ग्राहक कम आ रहे हैं, क्योंकि लोग महंगे होने से हिचक रहे हैं.

    लेकिन जिनके पास पहले से चांदी है – उनकी संपत्ति बहुत बढ़ गई है.

एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अगर सोलर, EV और AI की डिमांड जारी रही तो चांदी ₹4.5 लाख तक जा सकती है. लेकिन अगर ग्लोबल रिसेशन आया या मुनाफावसूली हुई तो थोड़ी गिरावट भी संभव है.

अमेरिका-ईरान तनाव

अब फेाकस अमेरिका और ईरान के बीच बदलते हालात पर केंद्रित है। दोनों देशों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने चेतावनी दी कि वह किसी भी अमेरिकी हमले का मजबूती से जवाब देगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बचने का समय खत्म हो रहा है।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, "वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के कारण सोने और चांदी में शरण लेने वाली संपत्ति यानी सेफ-हेवन की खरीदारी मजबूत है। अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और संकेत दिया कि दरों में बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है।
डॉलर में गिरावट ने दिया सहयोग

डॉलर इंडेक्स में 0.30% से अधिक की गिरावट आई, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर-आधारित सोना सस्ता हो गया। ब्लूमबर्ग के मुताबिक जापानी बॉन्ड बाजार में हाल की गिरावट भारी राजकोषीय खर्च को लेकर चिंताओं का नया उदाहरण है। साथ ही, यह अटकलें कि अमेरिका येन को सपोर्ट देने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है, ने डॉलर को कमजोर किया है। इससे अधिकांश खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया है।
ट्रंप के बयान ने भी लगाई आग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह कहा कि उन्हें डॉलर में गिरावट की चिंता नहीं है, जिसने दुनिया की प्रमुख रिजर्व करेंसी को लगभग चार साल के अपने सबसे कमजोर स्तर पर पहुंचा दिया है। हालांकि, बाद में ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि प्रशासन मजबूत मुद्रा के पक्ष में है।
ये भी हैं सोने की कीमतों की उड़ान के कारण

पिछले दिनो व्हाइट हाउस के कदमों, जैसे ग्रीनलैंड को अपने में मिलाने की धमकी और वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप की बात ने भी बाजारों को अस्थिर किया है। ट्रंप ने दक्षिण कोरियाई सामानों पर टैरिफ बढ़ाने और यदि ओटावा चीन के साथ व्यापार समझौता करता है तो कनाडा पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का वादा किया है।
क्या सोना खरीदने का है सही समय?

मनोज कुमार जैन का मानना है कि अमेरिकी बेरोजगारी दावा आंकड़े और भू-राजनीतिक तनावों से पहले, डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता के चलते आज के सेशन में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वह सुझाव देते हैं कि सोना तब तक खरीदा जा सकता है जब तक वह 10 ग्राम पर 1,64,400 रुपये के स्तर को बनाए रखता है, जिसके 1,70,000 और 1,75,000 रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसी तरह, चांदी तब तक खरीदी जा सकती है जब तक वह 3,64,000 रुपये (समापन आधार पर) को बनाए रखती है, जिसके 4,00,000 और 4,10,000 रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है।

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