Ultra Luxury Home मामले में गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा, इंडिया साेथबिज की रिपोर्ट ने बढ़ाई रैंकिंग

गुड़गांव.
कभी उपेक्षित शहर रहा गुड़गांव अब भारत के लग्जरी हाउसिंग बूम का केंद्र बन गया है। साल 2025 में इसने लगातार दूसरे वर्ष मुंबई को पछाड़ते हुए 24,120 करोड़ रुपए के अल्ट्रा-प्रीमियम घरों की बिक्री दर्ज की है। यह इस बात का सबसे स्पष्ट संकेत है कि नई संपत्ति और बुनियादी ढांचा किस प्रकार देश के रियल एस्टेट मानचित्र को नया रूप दे रहा है।
इंडिया साेथबिज इंटरनेशनल रियलिटी और सीआरई मैट्रिक्स की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार गुड़गांव के लजरी हाउसिंग सेगमेंट-10 करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले घरों ने साल 2025 में 24,120 करोड़ रुपए के लेनदेन दर्ज किए हैं, जो मुंबई के 21,902 करोड़ रुपए के लेनदेन से कई अधिक है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा है, जिसने लगभग चार दशक के लग्जरी सेगमेंट पर अपना दबदबा बनाए रखा था।
गुड़गांव में 1494 आलीशान घरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के कारण यह उछाल आया है। कुल लेनदेन मूल्य 2023 में 4004 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 में 24119 करोड़ रुपए हो गया, जो लगभग छह गुना वृद्धि दर्शाता है। बिक्री हुए घरों का औसत आकार लगभग 5 हजार वर्ग फुट रहा जिसमें 4 से 6 हजार वर्ग फुट के घरों का मूल्य के हिसाब से सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जबकि 8 हजार वर्ग फुट के बड़े घरों का कुल मूल्य में 33 प्रतिशत हिस्सा था।
इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी की एरिया डायरेक्टर टीना तलवार ने कहा कि खास बात यह है कि यह वृद्धि अब केवल पुराने इलाकों तक ही सीमित नहीं है। द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते हुए सूक्ष्म बाजार सामूहिक रूप से संरचनात्मक विस्तार को गति दे रहे हैं। इनमें से द्वारका एक्सप्रेसवे ने सबसे अधिक उछाल दर्ज किया है, जहां बड़े पैमाने पर लग्जरी परियोजनाओं के लॉन्च और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण लेनदेन मूल्य में 2024 में 383 करोड़ से बढ़कर 2025 में 8347 करोड़ रुपए तक 2079 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड ने लेनदेन मूल्य में 379 प्रतिशत की वृद्धि और उल्लेखनीय मूल्य वृद्धि के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। औसत कीमत 24,885 से बढ़कर 37,899 प्रति वर्ग फुट की वृद्धि के साथ कीमतों में तेजी आई। इसके विपरीत, गोल्फ कोर्स रोड जैसे पारंपरिक प्रीमियत कॉरिडोर में सीमित नई आपूर्ति के कारण गतिविधि में कमी देखी गई।
सीआरई मैट्रिक्स के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक करण गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लग्जरी सेगमेंट में लगभग 10 गुना वृद्धि खरीदारों के निरंत विश्वास, मजबूत पूंजी प्रवाह और उच्च-निवल-मूल्य वाले व्यक्तियों के बढ़ते आधार को दर्शाता है। यह एक परिवक्व मांग प्रोफाइल को भी दर्शाता है। एक ऐसी मांग जो मजबूत बनी हुई है, लेकिन तेजी से विवेकपूर्ण होती जा रही है, जिसमें खरीदार प्रमुख स्थानों, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और ब्रांडेड, सुविधाओं से भरपूर परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
तलवार ने कहा कि व्यापक पूंजी निर्माण से इस गति को और बल मिल रहा है। जिसमें 103 भारतीय निगमों ने 2025 में मुख्य बोर्ड आईपीओ के माध्यम से रिकॉर्ड 19.54 बिलियन डॉलर जुटा, जिससे लग्जरी आवास क्षेत्र में प्रवेश करने वाले संस्थापकों और उद्यमियों का एक नया समूह तैयार हुआ- भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, खरीदारों का दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है, हालांकि उनकी अपेक्षाएं अधिक संतुलित हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, गुड़गांव का दबदबा भारत के संपत्ति बाजार में एक व्यापक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है।
पारंपरिक महानगरों से उभरते शहरी केंद्रों की ओर। डीएलएफ के प्रबंध निदेशक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी आकाश ओहरी ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक के सेगमेंट में मजबूत मांग इस बात को दर्शाती है कि लोग केवल स्वामित्व से हटकर एक बेहतर जीवन अनुभव की तलाश में है। यह बेहतर जीवन अनुभव गेटेड परियोजनाओं में बने बड़े, सुनियोजित घरों से परिभाषित होता है, जो गोपनीयता, सुरक्षा, जीवन शैली की सुविधाएं, स्वास्थ्य और सुनियोजित सामुदायिक स्थान प्रदान करते हैं। साथ ही मजबूत सामाजिक बुनियादी ढांचे से भी युक्त है। यह गति प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और वित्तीय सेवाओं में निरंतर धन सृजन के साथ-साथ उद्यमियों और वरिष्ठ पेशेवरों के बढ़ते आधार से प्रेरित है।
ओहरी ने कहा कि लग्जरी खरीदारों का प्रोफाइल युवा हो रहा है और 30 वर्ष की आयु के आसपास के समझदार खरीदार अब सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार एनआरआई मांग भी इन परियोजनाओं के आकर्षण को दर्शाती है, क्योंकि ये वैश्विक जीवनशैली का मानक प्रदान करती है जो विदेशों में उनकी आदतों के अनुरूप है।



