सोच बदलिए, जिंदगी संवारिए

डॉ वंदना अग्रवाल
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी सोच ही सबसे बड़ी शक्ति या हमारी सबसे बड़ी बाधा क्यों है? आज के भागदौड़ भरे जीवन में जहाँ डिप्रेशन और तनाव आम हो गए हैं, वहाँ भगवत गीता का शाश्वत सत्य हमें राह दिखा सकता है। अपनी सोच बदल लो , जीवन बदल जाएगा ।
गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है
भागवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है- एक इंसान जन्म से ही तीन तरह के गुण – सत्व (ज्ञान और शांति), रजो (क्रिया और जुनून)और तमस (अज्ञान और जड़ता)के साथ इस दुनिया में जन्म लेता है और हर किसी में कोई एक गुण प्रधान होता है। जिस गुण की प्रधानता अधिक होती है, उसका चरित्र वैसा ही बन जाता है। जिसकी जैसी प्रवृति और रुचि होती है, वह वैसी ही कामना करता है।
सोच से बदलेगी दुनिया
एक इंसान अपना स्वभाव तो नहीं पर अपनी सोच या दुनिया और समाज को देखने का नज़रिया बदल या समय के अनुसार ढाल सकता है । यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि आप कितने पढ़े-लिखे हैं या आपके पास कौन-सी डिग्री है, आप में अगर कुछ सीखने और आगे बढ़ने की चाह है, तो आप ख़ुद को भी और अपने आसपास के लोगों की भी सोच बदल सकते हैं। कोई जो किसी ग़लत रास्ते पर है या ग़लत काम कर रहा है, हो सकता है आप से प्रभावित हो कर वह भी सही रास्ते पर आ जाए। इसलिए कभी भी सही और सच का रास्ता ना छोड़ें ।
बच्चे भी गिरफ्त में
आज के समय में बड़े ही नहीं, स्कूल के बच्चे भी डिप्रेशन और एंजाइटी के शिकार हो रहे हैं। इसका एक बहुत बड़ा कारण है तनाव। तनाव या स्ट्रेस एक माइंडसेट का ही इश्यू है। जब कोई व्यक्ति अपने गोल को अचीव नहीं कर पाता है या बच्चे परीक्षा क्लियर नहीं कर पाते हैं, तो वे निराश हो जाते हैं और हार मान लेते है। पर आप यह सोचें कि मैं अभी फेल हुआ या काम नहीं कर पा रहा हूं पर मैं फिर से कोशिश या अपना प्लान चेंज करता हूं तो आप ज़रूर सक्सेसफुल होंगे। एक छोटा-सा बदलाव आपके जीवन को बदल सकता है ।
जब सोचो, अच्छा ही सोचो
एक पॉजिटिव माइंडसेट आपकी जिंदगी की हर परेशानी का सामना करने में सहायता करती है। बस, आपको समस्याओं के समाधान पर ज़्यादा ध्यान देने की जरूरत है। जैसे ही आपका फोकस समाधान पर शिफ्ट होगा, आपको रास्ते मिलने लगेंगे बस अपनी सोच और नज़रिया बदलिए, ज़िंदगी आसान हो जाएगी और आप खुश रह पाएंगे।
(लेखिका रांची बेस्ड डेंटिस्ट हैं)