Join Whatsapp Group
Join Our Whatsapp Group
ख़बरेंबिहारराजनीति

Bihar Assembly Elections 2025 : बुज़ुर्ग नेताओं का NDA काटेगी इस बार पत्ता, जानें इस लिस्ट में कौन-कौन है शामिल

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी में जुटी प्रदेश भाजपा अभी से ही युवा चेहरों की तलाश शुरू कर दी है। ऐसे में कई ऐसे विधायक हैं, जिनका इस बार चुनाव लड़ने का सपना उम्र के पहाड़ से टकरा कर चूर होने जा रहा है। सैद्धांतिक रूप से भाजपा के भीतर जो आम समझ बन रही है वह यह कि 70 से 75 साल से पार विधायकों को सांगठनिक जिम्मेदारी देकर उस क्षेत्र से युवा चेहरों को तरजीह दी जाए। राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) के मापदंड गर प्रदेश भाजपा अपना लेती है तो इस बार चुनावी झंझावात से कई दिग्गज वंचित रह जायेंगे। आइए जानते हैं इन नामवर विधायकों को…

नंदकिशोर यादव
वर्तमान में बिहार विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे नंदकिशोर यादव का जन्म वर्ष 1953 के अगस्त माह में हुआ था।
इस लिहाजन नंदकिशोर यादव की उम्र लगभग 72 साल होने जा रही है। 1995 में श्री नंदकिशोर यादव पहली बार पूर्वी पटना विधान सभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। सन 2000 में पूर्वी पटना क्षेत्र से दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए।

फरवरी 2005 में आप पूर्वी पटना से तीसरी बार और उसी साल नवंबर में हुए चुनाव में चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए। सन 2010 में पांचवी बार और 2015 के चुनाव में छठी बार और 2020 में पटना साहिब से 7वीं बार लगातार जीत का परचम लहराया।

अमरेंद्र प्रताप सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री हरिहर सिंह के बेटे अमरेंद्र प्रताप सिंह भी उस आयु क्रम में आने वाले विधायक हैं। भाजपा के दिग्गज नेता अमरेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 2000 में पहली बार विधायक चुने गए। दूसरी बार वे फरवरी 2005, तीसरी बार 2005 नवंबर के चुनाव में विधायक बने। चौथी बार वर्ष 2010 और पांचवीं बार वर्ष 2020 में विधायक बने। कृषि मंत्री, गन्ना मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। उम्र इस बार उनके लिए बाधा बनने जा रही है।

प्रेम कुमार
लगातार 8वीं बार विधायक बनने वालों में एक नाम प्रेम कुमार का आता है। इनकी भी उम्र 70 से पार कर गई है। वर्ष 1990 में गया से पहली बार विधायक बने और लगातार वर्ष 2020 का विधानसभा चुनाव जीतकर 8वीं बार विधायक बने। इस दौरान प्रेम कुमार कई बार मंत्री बने। नगर विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, कृषि और वर्तमान में पर्यावरण मंत्री भी बने।

अरुण सिन्हा
उम्र के उस दहलीज पर कुम्हरार विधायक अरुण सिन्हा भी पहुंच गए हैं, जो चुनाव लड़ने के लिए आरएसएस ने तय किया। अरुण सिन्हा पहली बार वर्ष 2005 (फरवरी) के चुनाव में पटना सेंट्रल से विधायक बने। दूसरी बार वर्ष 2005(नवंबर) में और फिर लगातार तीन बार कुम्हरार विधान सभा से वर्ष 2010, 2015और 2020 विधानसभा चुनाव जीत कर कुल पांच बार विधायक बने।

रामनारायण मंडल
बांका विधानसभा से विधायक रहे राम नारायण मंडल दो बार मंत्री रहे। पशुपालन मंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के पद पर सेवा देने वाले राम नारायण मंडल पहली बार 1990 में बांका से विधायक बने। वर्ष 2020 के चुनाव में राम नारायण मंडल छठी बार विधानसभा पहुंचे। पर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर खतरा तो मंडरा रहा है।

सीएन गुप्ता
सीएन गुप्ता छपरा से विधायक हैं। इनका जन्म 1 वर्ष 1947 में हुआ है। ये 75 पार कर चुके हैं। ये वर्ष 2015 और 2020 का चुनाव जीत कर विधायक बने। इस बार इनका भी नाम उम्रदराज वाली सूची में हैं।

राघवेंद्र प्रताप सिंह
बरहरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की उम्र तो 75 पार कर गई है। वे पहली बार वर्ष 2010 में विधायक बने और दूसरी बार वर्ष 2020 में विधायक बने। ये अंबिका शरण सिंह के पुत्र है। जो स्वतंत्र सेनानी थे और पांच बार बरहरा से विधायक रहे।

क्या चल रहा है?
भाजपा की ऐसी विनिंग सीट को लेकर मंथन शुरू है। कहीं तो वर्तमान विधायक विरासत की राजनीति को जगह देने की जुगाड़ में हैं। तो कही भाजपा की नई पौध पहले से ही तैयारी चुनाव लड़ने को लेकर तैयारी कर रहे हैं। पर जातीय क्लेवर में बिहार के रणनीतिकार क्या करते हैं, यह अभी देखना बाकी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button