हरियाणा विधानसभा में बड़ा ऐलान: किसानों को मुआवजा और नहरों के कायाकल्प की तैयारी

चंडीगढ़.
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार के मंत्रियों ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। विधायकों ने जहां गांवों की मूलभूत सुविधाओं, किसानों की परेशानी, भ्रष्टाचार और इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया, वहीं मंत्रियों के जवाबों में समाधान, योजनाएं और सख्त कार्रवाई का भरोसा नजर आया।
जुलाना नगर पालिका के चेयरमैन पर भ्रष्टाचार के आरोपों का मामला सदन में गर्माया तो सरकार ने अपने रुख को लेकर कोई ढिलाई नहीं दिखाई। कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट द्वारा सवाल उठाने के बाद शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि पहले ही विजिलेंस जांच में एफआइआर दर्ज हो चुकी है। चेयरमैन को उसी दिन सस्पेंड कर दिया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने तुरंत एक्शन लिया है और इस मामले में कांट्रेक्टर पर भी केस दर्ज हुआ है। रेवाड़ी के अकेड़ा और घातल महनियावास गांवों की समस्याएं भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव ने उठाई, जिस पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने साफ किया कि दोनों गांवों के पास पर्याप्त जमीन नहीं है, जिससे सीवरेज प्लांट लगाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में समाधान के तौर पर दोनों गांवों को मिलाकर ‘महाग्राम’ बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर सिंह फरटिया के सवाल पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि 1.57 लाख से ज्यादा किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। 575 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भरपाई हुई है। केवल 601 किसानों का भुगतान तकनीकी कारणों से अटका है। असंध के भाजपा विधायक योगेंद्र सिंह राणा ने क्षेत्र की नहरों का मुद्दा उठाया तो सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बड़ा रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि 10 नहरों और रजवाहों के पुनर्निर्माण की योजना है। वर्ल्ड बैंक से फंड मिलने की संभावना है। अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से नहरों पर काम होगा। 20 साल पुरानी और 75% क्षतिग्रस्त नहरों पर प्राथमिकता के आधार पर काम होगा।
आदमपुर के कांग्रेस विधायक चंद्र प्रकाश के सवाल पर श्रुति चौधरी ने दावा किया कि अधिकतर नहरों में पानी पहुंच रहा है। कुछ सब-माइनर के अंतिम छोर पर समस्या है। इसका समाधान भी चरणबद्ध तरीके से तय किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले मुख्य स्रोत की मरम्मत होगी।



