रोहतक में रोहिंग्याओं को भगाने 3 गांवों की हुई पंचायत, बढ़ते अपराध के चलते 10 दिन की दी मोहलत

रोहतक.
रोहतक जिले के महम क्षेत्र में रोहिंग्या समुदाय के कथित अवैध तौर पर रहने को लेकर विवाद सामने आया है। रविवार को महम के अशोक नगर, इमलीगढ़ और किशनगढ़ गांव के ग्रामीणों की संयुक्त पंचायत में आरोप लगाया गया कि क्षेत्र में रह रहे रोहिंग्या परिवारों के कारण अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।
पंचायत ने प्रशासन से उन्हें क्षेत्र से निकालने की मांग की और चेतावनी दी कि 10 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण स्वयं बड़ा फैसला लेंगे। बैठक में रोहिंग्या समुदाय के लेबर प्रधान को भी बुलाया था। दूसरी ओर, जमीन मालिक जसवंत ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये परिवार उनकी जमीन पर किराये पर रह रहे हैं और उनके पहचान संबंधी राशन कार्ड व वोटर कार्ड आदि सभी दस्तावेज प्रशासन व पुलिस के पास हैं। ये लोग असम से आए हैं और करीब आठ वर्षों से महम क्षेत्र में रह रहे हैं। पंचायत की अध्यक्षता भाजपा नेता अजीत अहलावत और महम के पार्षद विकास श्योराण ने की। महम थाना एसएचओ सब इंस्पेक्टर सुरेश ने बताया, इस बारे में शिकायत नहीं आई है। पुलिस अक्सर जांच करती रहती है। झुग्गियों में रहने वाले असम के रहने वाले हैं। लगभग दो सप्ताह पहले ही सभी की आईडी जांचीं थीं।
गतिविधियों को बताया संदिग्ध
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में रह रहे रोहिंग्या परिवारों की गतिविधियां संदिग्ध हैं और उनके कारण अपराध बढ़ने की आशंका है। भाजपा नेता अजीत अहलावत ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।



