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बिहारराज्य समाचार

पटना में दिल दहला देने वाला हादसा: खुले नाले में गिरकर दो साल की बच्ची की मौत, दिल्ली जैसा मामला

पटना

पटना में दिल्ली की तरह हादसा हुआ है, जहां एक खुले नाले के चैंबर में गिरकर दो साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना फुलवारीशरीफ की है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

खुले नाले में गिरने से दो साल की बच्ची की मौत, अब पटना में दिल्ली जैसा हादसा

बिहार के पटना में खुले नाले में गिरने से शनिवार को दो साल की मासूम बच्ची की जान चली गई। घटना फुलवारीशरीफ के रायचौक की है। बताया जा रहा है कि बच्ची खेलते-खेलते नाले के पास चली गई और उसके खुले चेंबर के अंदर गिर गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही से बच्ची की मौत का आरोप लगाया है। हाल के दिनों में ऐसी कुछ घटनाएं दिल्ली और नोएडा जैसे शहरों से भी आ चुकी हैं, जहां खुले मैनहोल और गड्ढों में गिरकर लोगों की जानें चली गईं। उनमें भी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई थीं।

पटना के फुलवारीशरीफ में नाले में गिरकर जान गंवाने वाली दो साल की मासूम का नाम खादिजा था। शनिवार को वह लापता हुई तो घर वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की। आसपास के लोगों से पूछने के बाद भी कहीं बच्ची का पता नहीं चला तो इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जब नाले के पास स्थित एक मकान का सीसीटीवी फुटेज देखा गया, तो बच्ची खुले चैंबर में गिरती हुई नजर आई।

इसके बाद तुरंत बच्ची को नाले से निकाला गया और पटना एम्स ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद घर में मातम छा गया। बच्ची का परिवार मूलरूप से असम का रहने वाला बताया जा रहा है। इस घटना से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। उन्होंने फुलवारीशरीफ नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। लोगों का कहना है कि खुले नाले को कई जगहों पर ढंका नहीं गया है, इस वजह से हादसा हो गया।

दिल्ली में समस्तीपुर के मजदूर की ऐसे ही हुई मौत

समस्तीपुर जिले से मजदूरी करने दिल्ली गए बिरजू कुमार की 5 दिन पहले खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई थी। यह घटना रोहिणी क्षेत्र में हुई। बताया गया कि बीते सोमवार की रात को बिरजू रास्ते से गुजर रहा था। तभी एक खुले मैनहॉल में गिर गया। मंगलवार को इसकी सूचना प्रशासन को मिली तो फायर ब्रिगेड की टीम ने उसकी तलाश की। शाम को उसका शव मैनहोल से निकाला गया। बिरजू की मौत के बाद बिहार में मौजूद उसकी बूढ़ी मां, जवान पत्नी और तीन बच्चों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।

इससे पहले, 5 फरवरी को भी दिल्ली में ऐसा एक और हादसा हुआ था। बैंक कर्मी 25 वर्षीय कमल ध्यानी बाइक से घर लौट रहा था। तभी वह दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए 15 फीट गहरे खुले गड्ढे में जा गिरा और उसकी मौत हो गई।

पिछले महीने दिल्ली से सटे नोएडा में भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहरा की ऐसे ही मौत हुई थी। उसकी कार 16-17 जनवरी की रात को एक पान से भरे गड्ढे में समा गई थी। मदद के लिए घंटों इंतजार के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी थी। इन मामलों में प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया और देश भर में चर्चा का विषय बने।

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