पीएम का पंजाब दौरा: हिंदू-दलित मतदाताओं के नए सियासी समीकरण बनेंगे, भाजपा करेगी रणनीति

चंडीगढ़
PM नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे को लेकर BJP नेताओं में भारी कन्फ्यूजन हो गई है। चंडीगढ़ में तैयारियां देखने पहुंचे दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिरसा ने कहा कि PM मोदी 2 फरवरी को जालंधर आएंगे।
पंजाब में फरवरी 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने कमर कस ली है। भाजपा इस बार सूबे में सोशल इंजीनियरिंग दांव के बूते अपना जनाधार बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पार्टी एससी वर्ग को साथ लेकर नए सियासी समीकरण बनाना चाहती है। हालांकि दलित मतदाता पंजाब के सभी दलों की सियासत का केंद्र रहे हैं लेकिन इस बार भाजपा इन्हें साधने में पूरा जोर लगाएगी।
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 1 फरवरी को जालंधर स्थित गुरु रविदास पंथ के डेरे सचखंड बल्लां में आना एक तय कार्यक्रम का हिस्सा है लेकिन पीएम के इस दौरे के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। पीएम यहां आदमपुर हवाई अड्डे का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने की घोषणा भी करेंगे।
पंजाब में दलित आबादी करीब 32 प्रतिशत है। इनमें सिख और हिंदू दोनों शामिल हैं। इसके अलावा करीब 38 प्रतिशत आबादी हिंदू है। इसी तरह 19 प्रतिशत जट सिख हैं और 11 प्रतिशत मुस्लिम, ईसाई व अन्य जातियों के लोग हैं। पंजाब एक ऐसा सूबा है जहां सियासत में पंथक मुद्दों का बड़ा दखल रहता है। अभी तक शिरोमणि अकाली दल इस पंथक सियासत की धुरंधर माना जाता रहा है मगर पिछले कुछ साल में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भी अपने पंथक एजेंडों के बूते इस सियासत पर पकड़ मजबूत की है।
सिरसा बोले- पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर है ही कहां PM के दौरे को लेकर मंत्री सिरसा ने कहा कि वह जालंधर के डेरा बल्लां में श्री गुरू रविदास जी की जयंती को लेकर माथा टेकेंगे। इसके बाद वहां के प्रमुख संत निरंजन दास का आशीर्वाद लेंगे। पीएम पहले भी संत निरंजन दास के साथ मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब PM का इंतजार कर रहा है।
इस बहाने सिरसा ने कहा कि AAP सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब के हालात इस वक्त इतने बुरे हो चुके हैं कि यहां लॉ एंड आर्डर की स्थिति बची कहां है। दिनदहाड़े लोगों को गोलियां मारी जा रही हैं। छीनझपटी हो रही है। पंजाब में लोग सेफ महसूस नहीं कर रहे।
जानिए, PM के पंजाब दौरे के क्या मायने…
PM के दौरे के बहाने दोआबा टारगेट पर PM मोदी के जालंधर दौरे की बड़ी वजह भाजपा का दोआबा बेल्ट को टारगेट करना माना जा रहा है। इस बेल्ट में 117 में से 23 सीटें आती हैं। पंजाब में 32% दलित वोटर हैं, जिनमें अधिकांश इसी दोआबा इलाके में हैं। भाजपा दोआबा बेल्ट को इसलिए टारगेट कर रही है क्योंकि 2022 के चुनाव में जब पूरे पंजाब में AAP की लहर थी लेकिन दोआबा में उन्हें एकतरफा जीत नहीं मिली। यहां की 23 सीटों में से AAP 10 ही सीटें जीत सकी थी। 9 सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं।
दोआबा में BJP को क्या उम्मीदें दिख रहीं इसकी वजह कांग्रेस है। 2022 में AAP की लहर के बावजूद दलितों का गढ़ कहे जाने वाले दोआबा में कांग्रेस ने कड़ी टक्कर दिखाई। कुछ महीने पहले तरनतारन में हुए विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस के पंजाब प्रधान राजा वड़िंग के पूर्व गृहमंत्री स्व. बूटा सिंह के बारे में आपत्तिजनक बातें कहने से दलित भाईचारा नाराज है। इसे ही भाजपा अपने पाले में करना चाहती है।
डेरा सचखंड बल्लां का सियासी प्रभाव क्या डेरा सचखंड बल्लां रविदासिया समाज का जालंधर स्थित सबसे बड़ा डेरा है। इससे 20 लाख के करीब संगत जुड़ी है। यह संगत सिर्फ पंजाब नहीं बल्कि देश और विदेशों से भी डेरे से जुड़ी है। वैसे तो डेरा सीधे राजनीति में कोई दखल नहीं देता, न ही वोटरों को ऐसा कुछ करने को कहता है। मगर, नेताओं के दौरे से उनकी संगत को मैसेज जरूर जाता है। दोआबा एरिया में डेरे से जुड़ी काफी संगत है। जालंधर में पूर्व CM चरणजीत चन्नी की जीत के पीछे भी इसी समाज के वोटरों का बड़ा योगदान है।
PM के दौरे से BJP को दिख रहा पंजाब में फायदा BJP को 2 फायदे दिख रहे हैं, पहला… डेरे के जरिए भाजपा सीधे तौर पर पंजाब के 32% दलित वोटरों को मैसेज देगी कि देश के प्रधानमंत्री डेरे और उससे जुड़ी संगत का बहुत सम्मान करते हैं। ऐसे में दोआबा की 23 सीटों पर भाजपा दबदबा बनाना चाहती है। दूसरा..अकाली दल से अलग होने के बाद भाजपा की शहरी वर्ग को छोड़ कहीं पैठ नहीं बन रही। दलित वर्ग के जरिए भाजपा पूरे प्रदेश में अपना आधार बना सकती है।
2 बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं PM BJP से जुड़े सूत्रों के मुताबिक PM 2 बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। पहली जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरू रविदास जी महाराज के नाम पर रखने का ऐलान कर सकते हैं। इसके अलावा 2027 में आने वाली श्री गुरू रविदास जी की 650वीं जयंती के लिए साल भर चलने वाले राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों का आगाज भी कर सकते हैं।
आप भी हिंदू वोटरों को साधने में जुटी
आप इससे एक कदम और आगे बढ़कर सूबे के एससी व ईसाई वर्ग के साथ-साथ हिंदू वर्ग को भी साधने में जुट गई है। पिछले दिनों आप द्वारा सूबे में हमारे राम के 40 शो करवाने की घोषणा हो या अब श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व पर फरवरी 2026 से फरवरी 2027 तक विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना, अपने पंथक एजेंडों को मजबूती देने सरीखा है।
पंजाब भाजपा भी हिंदू मतदाताओं को अपना कोर वोटर मानती हैं मगर इस चुनाव से पहले भाजपा सूबे में अपने सोशल इंजीनियरिंग दांव का इस्तेमाल कर दलित मतदाताओं को अपने साथ लेना चाहती है। इसके अलावा पिछले दिनों पंजाब भाजपा में कांग्रेस व शिअद (पुनर सुरजीत) के कुछ नेता ऐसे भी शामिल किए गए हैं, जो जट सिख वोट बैंक में अपनी पैठ रखते हैं।
उधर, भाजपा के नेता केवल ढिल्लों तो सूबे में कांग्रेस के बड़े दलित नेता व पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी को भाजपा में आने का ऑफर दे चुके हैं। राजनीति के जानकार कहते हैं कि पीएम मोदी के पंजाब दाैरे के बाद निश्चित ताैर पर सूबे में हिंदू-दलित मतदाताओं का एक नया समीकरण देखने को मिलेगा।
नाम पर सियासत न करे आप : जाखड़
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा एक धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा है जो पहले से तय था। इस दौरे से पहले सीएम छोटी राजनीति न करें। प्रधानमंत्री मई 2024 में ही आदमपुर हवाई अड्डे का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री अब पहले से पूरी हो चुकी मांग के संदर्भ में पोस्ट कर लोगों को भ्रमित क्यों कर रहे हैं। अब जब प्रधानमंत्री इस नामकरण की विधिवत उद्घाटन के लिए आ रहे हैं तो मुख्यमंत्री उनका स्वागत करने के बजाय सस्ती राजनीति में लगे हुए हैं।



