Join Whatsapp Group
Join Our Whatsapp Group
पंजाब/हरियाणाराज्य समाचार

पंजाब सरकार का किसानों को तोहफा, गन्ने पर 68.50 रुपए प्रति क्विंटल की सब्सिडी मंजूर

 

चंडीगढ़
 मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक विशेष रूप से किसान-कल्याण के लिए फैसले लेने पर केंद्रित रही, जिसमें कैबिनेट द्वारा निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी की मंजूरी दी गई। इससे पंजाब राज्य गन्ना किसानों को देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव देने में लगातार अग्रणी बना हुआ है। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुधारों के साथ लोगों की तंदुरुस्त स्वास्थ्य संबंधी पहलकदमियों और शहरी प्रशासन में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाने संबंधी मंजूरियां शामिल हैं, जो पंजाब सरकार की निर्णायक और परिणाम-आधारित पहुंच को दर्शाती हैं। मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि निजी चीनी मिलों की ओर से गन्ना किसानों को 2025-26 पिराई सीजन के लिए निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी सीधे तौर पर अदा की जाएगी।

उन्होंने बताया कि पंजाब पहले ही देश में गन्ने के लिए सबसे अधिक 416 रुपए प्रति क्विंटल स्टेट एग्रीड प्राइस दे रहा है, जो पिछले साल से 15 रुपए की वृद्धि दर्शाता है। यह पंजाब के गन्ना काश्तकारों को देश भर में सबसे अधिक भाव मिलना सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों के लिए आय सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

जन स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पर निरंतर ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्रिमंडल ने ‘सीएम दी योगशाला’ प्रोजेक्ट के अधीन योग ट्रेनरों के 1,000 अतिरिक्त पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है। बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इस पहल के लिए 35 करोड़ रुपए का बजट प्रबंध किया जाएगा, जिसका उद्देश्य एक स्वस्थ और तंदुरुस्त पंजाब का सृजन सुनिश्चित करना है।
स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूती देने के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने मुक्तसर जिले के गांव बादल, तरन तारन जिले के खडूर साहिब, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर जलालाबाद और फाजिल्का जिले के टर्शियरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस), फरीदकोट में पूरी तरह हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दे दी है। इस हस्तांतरण से इन क्षेत्रों के निवासी यूनिवर्सिटी के उन्नत मेडिकल बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता का लाभ उठाकर बेहतर इलाज और जांच सेवाओं तक पहुंच सकेंगे।

मंत्रिमंडल ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्यूनिसिपल एक्ट, 2020 की धारा 4 के अधीन निर्देशों के गठन और नोटिफिकेशन को भी मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य पंजाब सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों और जन क्षेत्र के अन्य संस्थानों से संबंधित म्यूनिसिपल संपत्तियों को जन उद्देश्यों के लिए हस्तांतरित करने की सुविधा प्रदान करना है। ये फैसले राज्य भर में विकास परियोजनाओं को नई गति देने के साथ-साथ जमीन के वितरण में एकरूपता सुनिश्चित करने और सरकारी जमीन के दुरुपयोग को रोकने में विशेष रूप से सहायक होंगे। संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व वाली एक कमेटी आवंटन प्रक्रिया की सिफारिश करेगी, जो राज्य सरकार की मंजूरी के अधीन होगी।
जमीन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के माध्यम से विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने म्यूनिसिपल सीमाओं के अंदर सभी सरकारी-लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के अधीन स्थित खाली छोड़े गए या उपयोग में आने वाले रास्तों या जल मार्गों (खालों) की बिक्री या एक्सचेंज के जरिए हस्तांतरण के लिए भी नीति को मंजूरी दे दी। इस नीति का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को तलाशना और शहरी योजना के परिणामों को बेहतर बनाना है।

मंत्रिमंडल ने पीएपीआरए (पंजाब किफायती संपत्ति पंजीकरण अधिनियम) लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के लिए समय अवधि 1 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक एक साल बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी। यह वृद्धि प्रति एकड़ 25,000 रुपए की एक्सटेंशन फीस पर अधिकतम तीन साल की अवधि के लिए दी जाएगी और संबंधित सक्षम अधिकारियों द्वारा पहले लागू नियमों और शर्तों के अनुसार इसकी अनुमति दी जाएगी।

शहरी विकास संबंधी एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने जनवरी 2026 के बाद नीलामी के लिए रखी जाने वाली प्रस्तावित संपत्तियों के लिए अतिरिक्त सतही क्षेत्र अनुपात के खर्च को निर्धारित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले फॉर्मूले को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 20 फरवरी, 2025 को अधिसूचित ई-ऑक्शन नीति 2025 के पैरा 10.2 में संशोधनों को भी मंजूरी दी गई, जिससे भविष्य में विकास प्राधिकरणों द्वारा नीलाम की जाने वाली सभी श्रेणियों की संपत्तियों पर लागू संशोधित उपबंध बनाए गए।

मंत्रिमंडल ने नियम 6ए शामिल कर पंजाब सिविल सर्विसेज (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1994 में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी। संशोधन के अनुसार, न्यूनतम शैक्षिक और अन्य योग्यताओं सहित योग्यता मापदंड निर्धारित करने की अंतिम तिथि आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि होगी, जब तक कि संबंधित सेवा नियमों में विशेष रूप से कोई अन्य तिथि निर्धारित न की गई हो।

फसली विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए एक अग्रगामी कदम के तहत मंत्रिमंडल ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए जापानी तकनीक पेश करने हेतु जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ भागीदारी को भी मंजूरी दी। यह भागीदारी बागवानी विकास, कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और हुनर विकास पर केंद्रित होगी, जिसका उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button