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मध्य प्रदेशराज्य समाचार

भोपाल में राजू की तलाश में 6 राज्यों की पुलिस, अपराध नेटवर्क तोड़ने के लिए बड़ी कार्रवाई

भोपाल 

भोपाल के  ईरानी डेरा अमन कॉलोनी में फिलहाल 6 राज्यों की पुलिस ने डेरा जमा रखा है. क्योंकि पुलिस को कुख्यात राजू ईरानी और उसके गिरोह के पांच सदस्यों की तलाश है. पुलिस देशभर में डेरे को संरक्षण देने वालों का डेटा भी तैयार करने में जुटी है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए. डेरे की जमीन के कागजात की सर्चिंग भी जारी है. बता दें कि 2014 में 39 घरों में आगजनी के बाद यह ईरानी डेरा चर्चा में आया था. पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है. क्योंकि राजू ईरानी पर कई केस चल रहे हैं. 

6 राज्यों में नेटवर्क 

पुलिस ने बताया कि ईरानी गैंग के सदस्यों का नेटवर्क दूसरे राज्यों में भी फैला है. किसी भी वारदात को अंजाम देने के बाद वह मुंबई, बैंगलुरू, दिल्ली, छत्तीसगढ़ के अलावा एमपी के ही देवास, नर्मदापुरम जैसे जिलों में फरारी काटते हैं, जबकि दूसरे राज्यों से उनके रिश्तेदार यहां आकर फरारी काटते हैं, ऐसे में सभी राज्यों की पुलिस अब तेजी से इस गिरोह के खिलाफ अभियान चला रही है. भोपाल नगर निगम की तरफ से भी बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा की तरफ से भी जानकारी जुटाई जा रही है. माना जा रहा है कि यहां जो नियम विरुद्ध मकान बने हैं, उन पर जल्द ही बुलडोजर की कार्रवाई देखने को मिल सकती है. 

ईरानी डेरे के अपराध के तार 12 राज्यों तक

अपराध का अड्डा बना चुका ईरानी डेरा पर पुलिस के साथ ही जिला प्रशासन की भी नजर टेढ़ी हो चुकी है. ईरानी डेरा की जमीन की जांच शुरू हो गई है. भोपाल में 6 राज्यों की पुलिस डटी हुई है. ईरानी गिरोह का नेटवर्क सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है. गिरोह के तार देश के 12 राज्यों से जुड़े होना बताए जा रहे हैं. कई राज्यों की पुलिस टीमें मिलकर गिरोह के नेटवर्क, फरार आरोपियों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही हैं.

डेरे की जमीन के कागजात की सर्चिंग जारी

अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे के कागजात की छानबीन प्रशासन की टीम कर रही है। इसी के साथ नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा भी डेरे पर बने मकानों की जांच कर रही है। नियम विरुद्ध बने मकानों पर जल्द प्रशासन का बुल्डोजर चल सकता है। वहीं पुलिस को राजू ईरानी, सालिक ईरानी, गुलाब ईरानी और सबदर की तलाश है। यह सभी पुलिस की कार्रवाई के बाद से फरार हैं।

वारदातों के लिए महीनों का सफर

ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं।

सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भोपाल पुलिस ने हाल में गिरफ्तार किए गए ईरानी गैंग के सदस्यों से गहन पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। इनमें यह सामने आया है कि गैंग के सदस्य चोरी, लूट और ठगी जैसी वारदातों के बाद नर्मदापुरम, देवास, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और छत्तीसगढ़ जैसे शहरों में छिपते रहे हैं। इसी तरह, अन्य राज्यों में सक्रिय उनके रिश्तेदार और सहयोगी वारदातों के बाद भोपाल की अमन कॉलोनी में शरण लेते थे।

पुलिस अब उन सभी लोगों का डेटा तैयार कर रही है, जो अलग-अलग राज्यों में ईरानी डेरे को संरक्षण देते आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार है जब इस नेटवर्क को राज्य सीमा से बाहर निकलकर तोड़ने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई तेज हो गई है। अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे की जमीन के कागजातों की सघन जांच की जा रही है। नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा ने भी नियम विरुद्ध बने मकानों की पड़ताल शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, अनियमित निर्माण पाए जाने पर जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है।

जांच में यह भी सामने आया है कि ईरानी गैंग वारदातों के लिए महीनों तक अपने कबीले से दूर रहता था, जिसे वे ‘सफर’ कहते हैं। इस दौरान गिरोह के कुछ सदस्य सीधे अपराध करते थे, जबकि दो अन्य युवक केवल चोरी या लूट का माल सुरक्षित रूप से भोपाल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाते थे। कई बार ये आरोपी लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।

अमन कॉलोनी का ईरानी डेरा पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2014 में यहां शिया और सुन्नी समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें करीब 39 मकानों में आगजनी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। उसी घटना के बाद यह इलाका प्रदेशभर में चर्चा में आया था।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता राजू ईरानी, सालिक ईरानी, गुलाब ईरानी और सबदर जैसे फरार आरोपियों की गिरफ्तारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह कार्रवाई न सिर्फ भोपाल बल्कि देशभर में सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ एक अहम कदम मानी जा रही है।

इन अपराधियों की तलाश में पुलिस

गिरोह का सरगना राजू ईरानी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. पुलिस को आशंका है कि वह शहर या राज्य छोड़कर फरारी काट रहा है. उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. सादिक, गुलाम, राजू, हैदर मामू की भी तकनीकी सर्विलांस के साथही पुराने संपर्कों की भी जांच की जा रही है. अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा की जमीन को लेकर राजस्व रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.

ईरानी डेरे की जमीन की जांच

प्रशासन का मानना है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है. बिना अनुमति निर्माण किया गया है. सरकारी या विवादित भूमि पर डेरा बसाया गयाहै. यदि जांच में अवैध कब्जा साबित हुआ तो बुलडोजर कार्रवाई तय मानी जा रही है. भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र का कहना है "ईरानी गैंग के लोगों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. किसी भी हालत में उनको बख्शा नहीं जायेगा."

बीतें दिनों ईरानी डेरे से 34 लोग गिरफ्तार हुए

भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया "6 राज्यों की पुलिस टीम भोपाल में है. ईरानी डेरे सहित जहां-जहां उनके छुपने के ठिकाने हैं, वहां दबिश दी जा रही है. कुछ दिन पहले निशातपुरा पुलिस ने भारी पुलिस बल के साथ ईरानी डेरे में दबिश दी थी. इस दौरान 10 महिलाएं सहित कुल 34 आरोपी गिरफ्तार हुए थे. बड़ी संख्या में बाइक और मोबाइल फोन, फर्जी पहचान पत्र और संदिग्ध दस्तावेज भी मिले थे. अपराध में महिलाओं की भूमिका की जांच की जा रही है."

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