PM मोदी के कार्यक्रम के लिए समागम स्थल आनंदपुर साहिब गुरुघर जैसी तर्ज पर तैयार, अनुभव भी गुरुघर जैसा

कुरुक्षेत्र
गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर व इंदबड़ी की करीब 170 एकड़ धरा पर गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी समागम बेहद खास रहेगा। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के चलते यहां विशेष तैयारी की जा रही है। संगत को यहां पहुंचते ही पंजाब के रूपनगर स्थित और सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक माने जाने वाले आनंदपुर साहिब गुरुघर का अनुभव होगा। इसकी थीम पर ही समागम की तैयारी की जा रही है, पूरे समागम स्थल को गुरुघर का रूप दिया जाएगा।
आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी और श्री गुरु गोविंद सिंह जी रहे थे और यहीं सन् 1699 में गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब है, जो सिख धर्म के पांच तख्तों में से तीसरा है। ऐसे में इस समागम स्थल को भी उसी तर्ज पर सजाया जाएगा। एचएसजीएमसी प्रधान जगदीश सिंह झींडा का कहना है कि यहां संगत को पूरी तरह से गुरुघर का अहसास होगा।
समागम स्थल के लिए वॉटरबॉडी से गुजरेगी संगत
वाहनों की आवाजाही नेशनल हाईवे 152 डी की ओर से रखी जाएगी और यहां पहुंचते ही इंदबड़ी की ओर पार्किंग होगी। पार्किंग के साथ ही प्रवेश द्वार होगा। इसके बाद संगत विशेष तौर पर तैयार की जा रही वॉटर बॉडी से गुजरते हुए समागम स्थल में प्रवेश करेगी। इसी समागम स्थल के दोनों ओर लंगर हॉल होंगे।
वहीं, समागम के मुख्य पंडाल के करीब 150 मीटर दूरी पर ही तीन हेलिपेड का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। इन हेलिपेड को मुख्य पंडाल, पिहोवा रोड और ज्योतिसर गांव की सड़क से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए तीनों ओर सड़क तैयार की जाएगी। यही नहीं इंदबड़ी जाने वाली सड़क से लेकर मुख्य पंडाल तक भी एक सड़क तैयार की जाएगी।
प्रदर्शनी में बयां होगा पूरा संघर्ष
मुख्य पंडाल के साथ ही 30 बाई 60 मीटर एरिया में प्रदर्शनी तैयार की जा रही है जिसका 50 फीसदी से ज्यादा कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी व उनके परिवार के पूरे जीवन व संघर्ष को चित्रों के जरिये दर्शाया जाएगा। यही नहीं पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में पूरा विवरण भी दर्ज होगा।
100 से ज्यादा हट
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा से लेकर अन्य कर्मियों के लिए 100 से ज्यादा हट तैयार की गई हैं। वहीं, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और बिजली सप्लाई रूम तैयार किए जा रहे हैं।



