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देश

50 किलो सोना, 2 करोड़ की डील: रान्या राव ने ऐसे खड़ा किया ठगी का साम्राज्य

नई दिल्ली
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा गिरफ्तार की गई कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच अधिकारियों के अनुसार, बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी के इस काले कारोबार में उतरने से पहले रान्या और उनके साथियों को एक युगांडा के एजेंट ने 2 करोड़ रुपये का चूना लगाया था। इसी ठगी के बाद अभिनेत्री ने घाटे की भरपाई के लिए तस्करी का रास्ता चुना।

पिछले महीने दाखिल की गई चार्जशीट में DRI ने बताया कि मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच रान्या राव और उनके सहयोगियों ने भारत में 127.28 किलोग्राम सोना तस्करी के जरिए पहुंचाया, जिसकी कीमत लगभग 102.55 करोड़ रुपये है। रान्या को मार्च 2025 में दुबई से लौटते समय 14 किलो सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसे उन्होंने अपने शरीर में छिपाकर रखा था।

युगांडा और केन्या के एजेंटों ने की ठगी
अधिकारियों के मुताबिक, रान्या और उनके सहयोगी तरुण कोंडुरु राजू ने शुरुआत में अफ्रीका (युगांडा, केन्या और तंजानिया) से सीधे सोना खरीदने की कोशिश की थी। उन्होंने इसके लिए दुबई में 'वीरा डायमंड्स ट्रेडिंग LLC' नाम की एक कंपनी भी खोली।

पहला धोखा: युगांडा के एक एजेंट बेन के साथ 5 किलो सोने का सौदा हुआ। राजू ने युगांडा के कंपाला जाकर एजेंट से मुलाकात की। वहां सोने की खेप छुड़ाने के नाम पर उनसे 1.7 करोड़ रुपये और ऐंठ लिए गए। कुल मिलाकर उन्हें 2 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ।

दूसरा प्रयास: युगांडा में ठगे जाने के बाद उन्होंने केन्या में कोशिश की, लेकिन वहां भी उनके साथ इसी तरह की धोखाधड़ी हुई। केन्याई अधिकारियों से मदद न मिलने पर उन्होंने अफ्रीका से सीधा व्यापार बंद कर दिया।

अफ्रीका में बार-बार ठगे जाने के बाद, इस गुट ने दुबई के स्थानीय बाजार देइरा गोल्ड सूक से सोना खरीदना शुरू किया। यहां वे अफ्रीकी डीलरों से नकद में सोना खरीदते थे और फिर उसे अवैध तरीके से भारत भेजते थे। जांच में पाया गया कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें विदेश से सोना खरीदना, भारत में अवैध आयात करना और फिर हवाला के जरिए पैसों की हेराफेरी करना शामिल था।

ईडी की रडार पर व्हाट्सएप चैट
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इनके व्हाट्सऐप चैट बरामद किए हैं, जो पैसों के लेनदेन के सबूत के रूप में देखे जा रहे हैं। हालांकि, एक अधिकारी ने बताया कि अफ्रीका में हुई ठगी को पूरी तरह साबित करने के लिए अभी पर्याप्त भौतिक साक्ष्य नहीं मिले हैं। जांच के दौरान अब तक 34 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।

 

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